संन्यास के बाद मैसी और टाटा में आरोप-प्रत्यारोप; मैसी ने कहा- "मनहूस है नैनो"

28, Jun 2016 By बगुला भगत

मुंबई/ब्यूनस आयर्स. कोपा-अमेरिका कप के फ़ाइनल में अर्जेन्टीना की हार के बाद मैसी ने संन्यास ले लिया। जिसके बाद मैसी और टाटा ग्रुप में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। टाटा ग्रुप मैसी को और मैसी ‘नैनो’ को अपने लिये मनहूस बता रहे हैं।

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मेसी से अपनी जर्सी वापस लेते टाटा ग्रुप के मयंक पारीख

संन्यास के बाद पहली बार अर्जेन्टीना पहुंचे मैसी ने भावुक होते हुए कहा कि “मेरे बुरे दिन तो तभी शुरु हो गये थे, जिस दिन मैंने टाटा से एग्रीमेंट किया था। मैं तो ‘जगुआर’ देखकर इनका ब्रैंड एंबेसेडर बन गया था, मुझे क्या पता था कि ‘नैनो’ भी इन्हीं की है।”

उधर, टाटा ग्रुप के चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने मैसी पर पलटवार करते हुए कहा है कि “पहले हमारी आठ-दस नैनो बिक जाया करती थीं, इसके आने के बाद वो भी बंद हो गयीं।”

“उससे कॉन्ट्रैक्ट करने के बाद हमारी गाड़ियों की इमेज और ख़राब हो गयी। पुलिस वाले पहले हमारी इंडिका को ही रोकते थे, अब सारी गाड़ियों को रोकने लगे। एक दिन तो रतन अंकल की लैंड रोवर भी साइड में लगवा ली थी।” -मिस्त्री ने आगे कहा।

“और हमारा ब्रैंड एंबेसेडर बनने से पहले ही वो कौन से तीर मार रहा था। हमसे जुड़े तो उसे अभी 6 महीने ही हुए हैं, अर्जेन्टीना की टीम को तो वो पिछले 10 साल से हरवा रहा है।”

“हमारी नैनो में तो फिर भी एक बार ही आग लगती है। वो तो चार-चार फ़ाइनलों में दुर्गति करवा चुका है।” -वो ताना मारते हुए बोले।

जब मिस्त्री से पूछा गया कि “अगर मैसी ने अपना संन्यास का फ़ैसला वापस ले लिया तो?”, इस पर उन्होंने किसी असली मिस्त्री की तरह पेचकस घुमाते हुए कहा कि “फ़ैसला वापस लेने को अफ़रीदी जैसा कलेजा चाहिये और अगर हमारे धोनी जैसा कूल कलेजा होता तो वो कभी संन्यास ही ना लेता।”