Thursday, 19th July, 2018

बालकृष्ण को कैबिनेट मंत्री बनवाना चाहते थे बाबा रामदेव

30, May 2014 By A. Jayjeet

यह सवाल काफी शिद्दत के साथ पूछा जा रहा है कि आखिर नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में बाबा रामदेव शामिल क्यों नहीं हुए।

पहले माना जा रहा था कि वे भाजपा के अपने कुछ खास अनुयायियों को मंत्रिमंडल में शामिल करवाना चाहते थे। लेकिन अब विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि वे अपने सबसे प्रिय सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को कैबिनेट मंत्री बनवाना चाहते थे।

Ramdev
बाबा जी

उन्होंने इस संबंध में मोदी से भी बात की थी। लेकिन बताया जाता है कि मोदी ने इससे साफ इनकार कर दिया, क्योंकि बालकृष्ण किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उन्हें कोई मंत्री पद देना ठीक नहीं रहता।

तो वाराणसी सीट खाली कर दो: सूत्रों के अनुसार मोदी के इस तर्क पर कि बालकृष्ण किसी सदन के सदस्य नहीं हैं, बाबा रामदेव ने उनसे (मोदी से) वाराणसी सीट खाली कर तत्काल चुनाव करवाने की मांग कर दी। बाबा का कहना था कि एक ही इलाका होने के कारण वाराणसी सीट से बालकृष्ण का चुनाव लड़ना ज्यादा मुफीद रहेगा। इससे वे वाराणसी की सीट भी संभाल सकेंगे, मंत्री पद भी और हरिद्वार में बाबाजी का आश्रम भी। लेकिन मोदी ने इससे भी इनकार कर दिया।

अंतिम समय तक उम्मीद नहीं छोड़ी: बताया जाता है कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में बाबा रामदेव ने अपनी जगह पर बालकृष्ण को इसीलिए दिल्ली भेजा था कि अंतिम समय में अगर मोदी का हृदय परिवर्तन हो जाए तो बालकृष्ण वहीं शपथ लेने के लिए तैयार मिले। लेकिन मोदी अड़े रहे।

अब एसआईटी की कोशिश: सूत्रों के अनुसार मोदी सरकार ने काले धन पर जो एसआईटी बनाई है, बाबाजी उसके लिए लाॅबिंग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि मंत्री पद न सही, बालकृष्ण को एसआईटी का सदस्य ही बना लिया जाए। आखिर बाबा रामदेव ने ही काले धन का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था।