Saturday, 23rd March, 2019

बॉयकॉट का व्यापर -मार्किट का नया हथियार

15, Mar 2019 By akumar

बॉयकॉट बहुत प्रचलित क्रिया है। एक का हुआ नहीं कि दूसरा पहुँच आता हैं, बॉयकॉट कराने। आज चीनी उत्पादों का नंबर लगा हैं। लगना भी चाहिये।  झूले हमारे अहमदाबाद में झूलते है चीनी और गधे कराची से खरीदते हैं।98573178

वैसे भारत  में  अपने दुश्मनों का जोश कम करने के लिए चीनी की ज़रुरत पड़ती हैं। ऐसा हमारे चीनी -एक्सपर्ट एक टीवी चैनल पर बता  रहे थे। कल  रात में यही एक्सपर्ट बता रहे कि चीनी हमारे कण्ट्रोल में हैं। हमारे साबरमती में आकर चीनियों ने नमक खाया हैं, अब वो दुश्मनों के जोश ठंडा कर देंगे।

सुबह से कितने घरों में इस बॉयकॉट के कारण बगैर चीनी वाली चाय प्रतिबंधित हैं।हलवाई अलग परेशान हैं। मिठाइयों की बिक्री अचानक आज सुबह से बंद हो गई हैं।

दिल्ली – नत्थू मल हलवाई ने एलान कर दिया हैं कि उनकी मिठाई में कोई चीनी नहीं हैं। ये बोर्ड भी लगा दिया है  “बिन चीनी के मिठाई के एकमात्र विक्रेता।” उनकी दुकान पे काफी भीड़ हैं। कुछ लोग उत्सुकता से आये है। ज्यादा लोग मधुमेह रोग से पीड़ित वाले हैं।

हरिद्धार– दो दिनों पहले साबुन-तेल -शैम्पू -पेस्ट बनाने वाली एक कंपनी बॉयकॉट हुआ था। बताया जा रहा हैं कि इन दो दिन में हमारी एक स्वदेशी कंपनी  को ज़बरदस्त मुनाफ़े हुआ हैं। ये स्वदेशी कंपनी इस मुनाफ़े से एक और कंपनी को खरीद रही हैं। घृत कुमारी (आलो -वेरा), टमाटर और लौकी के अलावा अब प्रचार सोयाबीन का भी जबरदस्त होगा।