Tuesday, 17th September, 2019

चुनाव में फैला फिसलायु कीचड़- जबान तक हीं सीमित, नीयत पर कोई खतरा नहीं

05, Apr 2019 By akumar

चुनाव में गजब फिसलायु कीचड़ फैलता हैं. चुनावी कीचड़ में नेता अक्सर फिसलते रहते हैं. इसी फिसलन  में नेताओं की  जुबान बंद नहीं होती. हालाँकि नए विचार वालों को कीचड़ शब्द से आपत्ति हैं. गन्दगी फैलाता हैं जी कीचड़ ये तो रायता फैलाने में विश्वास करते हैं.

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क्या युवा, क्या घाघ दिग्गज नेता, सबकी फिसलती है. जन साधारण इस बात से खुश रहता कि मुफ्त में मनोरंजन भी मिलेगा. कुछ लोग इस खुशफहमी में भी रहते हैं की चुनाव में नेताओं की सिर्फ जबान ही फिसलती हैं, नीयत नहीं. अब ये सुनिश्चित करना बाकी हैं की नेतागण किस मुहूर्त को चुनावी नहीं मानते. ये एक ऐसा पर्व है जो नेता 1947 से हर रोज मना रहे हैं.

एक युवा नेता की जुबान फिसली और उन्होंने चुनाव का मूल मंत्र बक दिया. ऐसी उम्मीद हैं कि ये मंत्र सारे तंत्रो पर भारी पड़ेगा. जनता का हमेशा का इलाज़ हो जायेगा. उन्होने बताया की ये पार्टी के आदरणीय अध्यक्ष जी का मंत्र हैं. “इतने इधर-उधर करूँगा की कंफ्यूज हो जाओगे की किसके नाम के आगे बटन दबाना है.”

कल तक विपक्ष में रहने वाले की ज़ुबान दाँईं तरफ फिसलती थी. सत्ता पक्ष में आने के बाद ये बाँईं तरफ फिसल रहीं हैं. सत्ता-पक्ष से टिकट नहीं मिलने के बाद ज़बान फिर दाँईं तरफ फिसल सकती हैं.

हालाँकि इस बार ये फिसलन एक-दो पर नेताओं भारी पद रही हैं. एक समय बद्ध अभिनेता, जो चुनाव के समय अभि छोड़ देते हैं काफी दुखी हैं. 2014 में विपक्ष से लोक सभा चुनाव लड़े थे. 2019 में चुनाव के एक महीने पहले सत्ता पक्ष मेँ शामिल हो गए. उसी  सीट की ताक लगाए बैठे थे. आज विपक्ष के एक दल ने सत्ता पक्ष से गठबंधन कर लिया. ख़बर पक्की हैं कि अभि -नेता की सीट नए साथी -पार्टी को  मिलेगी.