Saturday, 20th October, 2018

रिकॉर्ड प्लेसमेंट: आईआईएम मंगलौर में मिले ४२० ऑफर, पकौड़ा कंसल्टिंग से सबसे ज्यादा ऑफर

01, Mar 2018 By Anup Gupta

देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम मंगलौर में समाप्त हुए PGP २०१६ -१८ सत्र के छात्रों को फाइनल और लेटरल प्लेसमेंट में विभिन्न सेक्टर्स और देशों से ४२० ऑफर प्राप्त हुए| छात्रों की संख्या में मतभेद है, ऐसा माना जा रहा है कुल संख्या ४५० में से ४०० छात्र ही प्लेसमेंट में बैठे थे, माइनस ४ डेज से १ सफ्ताह तक चले इस प्लेसमेंट में लीक से हटकर चलने की प्रेरणा लिये ५० छात्रों ने अंतिम दिन ऑप्ट आउट करना उचित समझा|

सबसे ज्यादा ऑफर्स पकौड़ा कंसल्टिंग (७५) से मिले, जिसमे १० ऑफर अंतर्राष्ट्रीय (नाइजीरिया) थे| अपने रिश्तेदारों को कंसल्टिंग जॉब बताने से खुश इन छात्रों ने बताया, “पकौड़ा सेक्टर बाजार का नया बज़्ज़ शब्द है, प्रधानमंत्री द्वारा विशेष महत्त्व दिए जाने के कारण बड़ी संख्या में मल्टीनेशनल कम्पनीज इस क्षेत्र में ब्लॉकचैन, बिग डाटा और आर्टफिशल इंटेलिजेंस से डिसरप्शन लाने की तैयारी में हैं|” दूसरा सबसे बड़ा ऑफर ओल्डमैन सैक्स (३) ने दिया, इन तीनो ही छात्रों का कहना है कि वे पहले भी बैंकिंग सर्विसेस की इस कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर ज्यादा सैलरी में काम कर चुके हैं, उनका ये पुराना अनुभव ही उनके पहले से कम सैलरी परंतु मैनेजमेंट रोल में घुसने के काम आया| उनका विश्वास है इस अमरीकी कंपनी के गोरो को हटा वो सीईओ पद तक पहुँच पाएंगे|

इसके अतिरिक्त अन्य छात्रों को फाइनेंस (१२), टेक (११) और ई कॉमर्स (५) आदि क्षेत्रों से ऑफर मिले| सेल्स और मार्केटिंग रोल में आई आई टी बैकग्राउंड के इंजीनियर छात्रों की विशेष रुचि रही| अपने प्लेसमेंट से खुश सभी छात्रों का पहला सपना अपने एजुकेशन लोन की किश्तें शुरू करने का रहा| उनका कहना है कि उनका अपना स्टार्टअप प्लान तैयार है, बस १२ साल बाद लोन पूरा होते ही इन कम्पनीज के कुछ साथियों को खींच कर अपनी खुद की कंपनी शुरू कर देंगे| ‘शोर स्टोरी’ को देने के लिए सभी अपनी सफलता की कहानी की स्क्रिप्ट तैयार कर रहे हैं|

प्लेसमेंट समिति के चेयरमैन और आईआईएम मंगलौर के प्रोफेसर श्री शिवपुत्र प्रभु ने कहा, “हर बार की तरह इस बार भी मार्केट की हालत खराब होने के बावजूद संस्थान को पिछली बार से ज्यादा ऑफर मिले, आश्चर्यजनक तौर पर पिछले साल की डे ३ लायक कम्पनीज ने इस बार डे १ में आकर हमारी उम्मीद से ज्यादा ऑफर दिए|” आगे उनका कहना है, “ऑप्ट आउट करने वाले ५० छात्रों (जिसकी पुष्टि होना अभी  बाकी है) को हम अगले  महीने तक सरकारी क्षेत्र के बैंको से ऑफर दिलवाकर मना लेते पर पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के बाद समिति ने यह विचार त्याग दिया है, स्वरोजगार अपना कर वो अगले सत्र  के छात्रों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं|” वहीं ऑप्ट आउट करने वाले छात्रों का कहना कि ऐसे प्लेसमेंट के ऊपर वो स्वरोजगार को ही वरीयता देंगे|