Thursday, 21st November, 2019

लिंक्ड-इन के अधिग्रहण की खबर सुनकर इंटरनेट एक्सप्लोरर हुआ बेहोश, किया गया हॉस्पिटल में जमा

15, Jun 2016 By Ritesh Sinha

वाशिंगटन. माइक्रोसॉफ्ट द्वारा लिंक्ड-इन को खरीदने की घोषणा होते ही इन्टरनेट एक्सप्लोरर बेहोश होकर गिर पड़े, जिन्हें तुरंत वाशिंगटन के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

फ़ेकिंग न्यूज़ का संवाददाता IE (इंटरनेट एक्सप्लोरर) को लगे सदमे की वजह जानने के लिये चोरी-छुपे आईसीयू में घुस गया और ऑक्सीजन की नली हटाकर उनके मुंह पर अपना माइक लगा दिया-

IE
अधिग्रहण सुनते ही एक्सप्लोरर भैय्या का रंग काला पड़ गया

रिपोर्टरः आप इस डील से नाराज क्यों हैं? आपको तो खुश होना चाहिए…आपकी कंपनी आगे बढ़ रही है।

IE: क्या ख़ाक आगे बढ़ रही है, पीछे जा रही है! अब मुझे ही ले लो, मैं तो भाजपा के मार्गदर्शक मंडल की तरह हो गया हूँ, चुपचाप कंप्यूटर के किसी कोने में पड़ा रहता हूँ, फायरफॉक्स और क्रोम भैया मुझे चिढाते रहते हैं। जब तक windows से चिपका हुआ हूँ तब तक थोड़ी इज्ज़त है, जिस दिन पार्टी से बाहर हुआ पता नहीं क्या होगा। मेरी हालत जनलोकपाल बिल की तरह हो गई है, अब तो लोग मेरा नाम भी भूल गए हैं।

रिपोर्टरः लेकिन आप को क्या टेंशन है आप तो दुनिया के सबसे बड़ी कंपनी के प्रोडक्ट हो?

IE: मेरा मुंह मत खुलवाओ यार, लोग मुझ पर जोक्स बनाते हैं। जितना पैसा लिंक्ड-इन पर बर्बाद कर रहे हैं उसी पैसे को मेरी स्पीड बढ़ाने के लिए खर्च करते तो आज मैं क्रोम भैया को पीछे छोंड देता। कुछ काम धाम तो रहता नहीं है,कई बार तो मैं कंप्यूटर में ही सो जाता हूँ, अब तो कांगो और बरमूडा के लोग भी मुझे यूज़ नहीं करते।

(यह कहते-कहते IE रोने लगे और हमारे रिपोर्टर के लाख समझाने पर भी चुप नहीं हुए। जब रिपोर्टर ने अपने लैपटॉप में “डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र” चेंज किया, तब कहीं जाकर वो चुप हुए और दोबारा बातचीत करने पर राज़ी हुए)

रिपोर्टरः अब आप कैसा महसूस कर रहे हैं?

IE: अब तो ठीक हूँ, बस सर में थोडा दर्द है। डेवलपर ने ट्रोजन से दूर रहने को कहा है, साथ ही दो महीने आराम करने की सलाह भी दी है। उसे क्या पता कि अब तक मैं आराम ही कर रहा था।

(इतना कहते ही IE भैय्या गहरी नींद में चले गए…हमेशा की तरह!)