Wednesday, 13th November, 2019

आईटी कर्मचारी का फेरवेल मेसेज: राँझना अंदाज़ में

04, Dec 2016 By ANKIT SHARMA
अपने फेरवेल को लेके दुखी हैं ये!
अपने फेरवेल को लेके दुखी हैं ये!

बस इतनी सी कहानी थी मेरी कंपनी में| एक नोटिस पीरियड था जो ख़त्म हो चूका था | कुछ टीम वाले थे जो अभी भी इस उम्मीद में थे के मैं फेयरवेल पार्टी दूंगा| एक Colleauge था जो बहुत काम कर रहा था| कुछ और Colleauge थे जो मेरी टीम के नही थे पर मेरे किये हुए काम का भी श्रेय लेना चाहते थे|

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड था, एक्सेल शीट्स थी, पावर पॉइंट था, और ये हमारी कंपनी थी जो हमे छोड़ चुकी थी| और मेरी उंगलिया आज भी कोड लिखने के लिए बेताब थी|

हम एक्सेल शीट अपडेट कर सकते थे मगर किस के लिए, हम पावर पॉइंट पर प्रेजेंटेशन बना सकते थे मगर किस के लिए| मैं मेरा प्रोजेक्ट, मेरा क्लाइंट, मेरा प्रमोशन, मेरा onsite सब कुछ मुझसे छूटे जा रहा था, मगर रख भी लेते तो किस के लिए|

मेरे मेनेजर की ताकत या तो मुझे यहाँ रोक सकती थी या फिर निकाल भी सकती थी| मगर साला अब कौन इनके चक्कर लगाए प्रमोशन के लिए, सैलरी बढ़ाने को, Hike दिलवाने को| अबे कोई तो आवाज देके रोक लो यार|

ये जो मेनेजर लैपटॉप लिया बैठा है बगल मे अगर आज भी VISA लगवा दे तो कसम भोलेनाथ की कंपनी मे वापस आ जाये| नहीं पर अब साला मूड नहीं है| निकल लेने मे ही भलाई है, स्विच कर लेने मे ही सुख है पर आएंगे किसी दिन इसी कंपनी मे वापस मेनेजर बनकर, Appraisal लेने को, कम रेटिंग देने को और गर्व से सॉफ्टवेर इंजीनियर कहलाने को|