Tuesday, 13th November, 2018

जानिए सनी देओल अपनी फिल्मों के गानों में नाचने से बचने के लिए क्या क्या करते हैं

10, Dec 2014 By idiot420

बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल, जो की ख़ास तौर पर मूवीज में तेज़ चिल्लाने के लिए और अपनी ढाई किलो के हाथ के लिए जाने जाते हैं, के करियर का एक ऐसा भी पहलू है जिसके बारे में वो कभी बात नहीं करते, और वो पहलू है गानों में नाचना।

फेकिंग न्यूज़ ने सनी और गानों में नाचने के बीच का छत्तीस का जो आकड़ा है उसका विश्लेषण किया और पाया कि सनी अपने स्तर पर पूरी कोशिश करते हैं कि उन्हें गानों में नाचना ना पड़े। और अगर उन्हें मजबूरन नाचना भी पड़ता है तो एक अजीब से बेचैनी उनके चहरे पर साफ़ साफ़ देखी जा सकती हैं।

क्या आपने कभी सोचा है कि सनी हमेशा गुस्सैल करैक्टर का ही रोल क्यों लेते हैं? ग़दर, बॉर्डर, जीत, घातक और नजाने कितनी ही फिल्में उन्होंने करी जहाँ पर वो पूरी की पूरी मूवी में हसी-ख़ुशी से मीलों दूर रहने की कोशिश करते रहें।  क्यों? क्योंकि बॉलीवुड में हसी-ख़ुशी का माहौल बनते के साथ ही अगला काम होता है एक अच्छा सा खुशनुमा गाना। लेकिन सनी को नाचने से दूर रहना था, इसलिए वो हमेशा सीरियस रोल्स ही लेते रहे। एक तरीके से उनका नाचने से डर का उनके फ़िल्म सेलेक्शन पर पूरा असर था।

खबरें तो ये भी हैं की सनी मूवी साइन करने के पहले ये जरूर चेक करते थे की हीरो फिल्म में दस मिनट से ज्यादा खुश नहीं होना चाहिए। कुछ ऐसा ट्विस्ट फिल्म के शुरुआत में ही होना चाहिए जिससे हीरो की ज़िन्दगी तबाह हो जाए, खुशियां छीन जाएँ।

ये कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि उनके गुस्सैल इमेज बनने का मूल कारण उनके नाचने का डर है।

जैसे की “जीत” फ़िल्म के गाने जिसके बोल हैं “तू धरती पर चाहे जहाँ भी रहेगी” में आप पाएंगे कि करिश्मा कितने उत्त्साह में नए कपडे पहन कर नाच रही हैं, वहीँ सनी गुस्से वाली शकल में चुप चाप खड़े हैं, या फिर एक ज़ोंबी की तरह इधर उधर घूम रहे हैं, क्योंकि उनका रोल ही वैसा है।

सोचो, सनी कितनी आसानी से नाचने से बच गए। सनी को उदास देख करिश्मा भी माइंड नहीं कर रही हैं की वो उनके साथ नाच क्यों नहीं रहे। वरना एक लड़की प्यार का इतना ज्यादा इज़हार बिना सामने से भाव मिले नहीं कर सकती।

सनी मन ही मन अपनी उदासी को लेकर खुश हैं
सनी मन ही मन अपनी उदासी को लेकर खुश हैं

वही उनका करैक्टर का मूड थोड़ा खुश होता तो उन्हें नाचना पड़ता। अगर आपको सनी को इस गाने में इतना उदास देख कर सांत्वना देने की इच्छा हो रही है तो ये जान लीजिये कि सनी अंदर ही अंदर बहुत खुश हैं। और अगर मूवी में खुश दिखें तो समझ लीजिये अंदर ही अंदर बहुत डरे हुए होते हैं, कि ना जाने कब नाचना पड़ जाए।

पर सनी के लाख परहेज के बावजूद कभी कभी मूवी की स्क्रिप्ट की जरुरत के हिसाब से  खुश होना ही पड़ता था, जैसे कि जीत मूवी का ही “यारा ओ यारा” गाना।

गाने की शुरुआत में ही करिश्मा सनी के हाथों पर किस करती हैं, ठीक अगले ही दृश्य में सनी भागते हुए नज़र आते हैं। ये गाना वास्तविक सनी की ही परछाई है। यहाँ कोरियोग्राफर ने सनी को कोई अलग से इंस्ट्रक्शन ना देकर सनी के नेचुरल रिऎक्शन्स को कैद किया है।

सनी को आभास हो गया कि करिश्मा अब नाचना शुरू करने वाली हैं
सनी को आभास हो गया कि करिश्मा अब नाचना शुरू करने वाली हैं

आप देखेंगे की सनी किस तरीके से बदहवास हो भागने लगते हैं। अब तो नाचना ही पड़ेगा इस बात का खौफ उनके चहरे पर साफ़ नज़र आता है।

भागते हुए सनी
भागते हुए सनी

लेकिन अब मजबूरी में उन्हें रुकना ही पड़ता है और वो अपने फाइट सीन्स को इमेजिन कर हाथ पाँव चलाने लगते हैं।

“कुत्तों, कोई तो आओ मुझसे लड़ने, अब और झेला नहीं जाता”

सनी नाच जरूर रहे हैं लेकिन उनके नाचने का अंदाज़ देख कर लग रहा हो मानों वो किसी को मार पीट करने के लिए चैलेंज कर रहे हों और मन ही मन ये सोच रहे हों कि काश कोई गुंडा आ जाए और करिश्मा को छेड़ दे। फिर उन्हें अपने नेचुरल मोड में आने का मौका मिल जाएगा। लेकिन कोई आता नहीं।

अपने नाचने न आने वाली कमी को छुपाने के लिए सनी अब अपने ताकत का इस्तेमाल कर कोशिश कर रहे हैं कि करिश्मा के साथ कदम से कदम मिला कर मौके का लुफ्त उठाया जाए।  इसी चक्कर में उन्होंने करिश्मा को उठा लिया, जो कि सनी के हिसाब से पूरे गाने में उनके लिए सबसे अच्छा लम्हा था, जहाँ उन्होंने कुछ ऐसा किया जो उन्हें करना पसंद है – ताकत की नुमाइश।

“फाइनली, कुछ तो किया मैंने”

आगे के एक दृश्य में करिश्मा जहाँ झूम कर नाच रही हैं वहीँ सनी अपना बाइसेप्स दिखा रहे हैं।

Sunny Deol
“मेरे बाइसेप्स में जंग लग रहा हैं”

तो कुछ इस तरीके से सनी देओल ने कमियों के बावजूद खुद को फिल्म जगत में स्थापित किया। उन्होंने अपनी कमी को ही अपनी ताकत बनायीं और उसी के बल पर ढाई किलो का हाथ वाला छवि बनायीं जिसे आज हम सब पसंद करते हैं।