Friday, 17th August, 2018

मथुरा होली खेलने गया बेरोजगार बंगाली डॉक्टर, फोटोग्राफर बन वापस लौटा

06, Mar 2018 By shaukin lekhak

दिल्ली के एक महा नक्कारा बेरोजगार डॉक्टर बप्पा मुखोपाध्याय अपनी बेरोजगारी और बीवी के तानो से परेशान हो कर मथुरा होली खेलने भाग गया था और जब ४ दिन बाद लौटा  तो वह एक फोटोग्राफर बन चुँका था.

Facebook's soft corner for camera-man
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वकया यु हुआ की  डॉक्टर बप्पा को  इस बार भी उसकी कनपुरिया बीवी (पूर्व प्रेमिका) ने खोया बनाने का काम दिया था साथ ही साथ घर पर गुझिया, पापड़ और चिप्स वगैरह बनवाने से बचने के लिए अपने दोस्तों के साथ मथुरा होली खेलने भाग गया। वहां उसे होली खेलने वाले कम और फोटो खींचने वाले बहुत मिल गए, फोटोग्राफरो के मिलनसार व्यक्तित्व एक्शन और पोज़ बना और बनवा कर फोटो खींचने से  खासा प्रभावित हो गया, उसके अंदर फोटोग्राफर बनने  की भावना तब ज्यादा बलवती हो गयी जब उसने कुछ लड़कियों को भी इस कला में हाँथ आजमाते देखा था।

जब हमने उसे अपनी गली में भाभियों और लडकियोंकी फोटो खींचते हुए ररंगे हाँथ पकड़ा तो वह शरमा गया, और कहाकि उसने अभी-अभी यह विद्या अपने गुरु रघु रोमियो (जाने माने होली फोटोग्राफर) से  सीखी है, और इसका असर देखिए  घर जमाई होने के बावजूद मुझे घर के कामो से मुक्ति मिल गयी है, थैंक्स  टू फोटोग्राफी एंड रोमियो सर।

बप्पा की सास का कहना है की जवान दामाद घर में हमारे सीने पर मूंग दले इससे अच्छा है की फोटोग्राफर बन कर ४ पैसे ही कमाए।  बप्पा की बीवी जो गुझिया और पापड़ बनाने में व्यस्त थी ने बताया की मैंने तो बस एक बार ही शादी के पहले इंडिया गेट पर कहा था कि तुम बंगाली हो कोई आर्ट तो आती होगी अरे कम से कम फोटोग्राफी ही सीख लेते।   मुझे क्या पता वो मेरी इस बात को इतना सीरियस ले लेंगे। बहुतं प्यार करते हैं न मुझे।

कहते है हवा का रुख और इंसान की किस्मत कब बदल जय कहा नहीं जा सकता, बप्पा  मुखोपाध्याय ने इस कहावत को चरितार्थ किया है।