Wednesday, 19th December, 2018

भारत से हार के बाद पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूम मीटिंग का विवरण

29, Feb 2016 By Sandeep Kadian

भारत से हार के बाद पाकिस्तान के खेमे मे निराशा का माहौल था. आपस मे एक दूसरे पे इल्ज़ाम लगाए जा रहे थे. कप्तान अफ़रीदी अपने खिलाड़ियों से काफ़ी नाखुश थे. इसी नाराज़गी के बीच उनकी अपने खिलाड़ियों से क्या बात हुई, हमने अपने ख़ुफ़िया कैमरे से रेकॉर्ड कर ली. आइए पढ़ें उसी बातचीत के कुछ अंश

Shahid Afridi
टीम की बैटिंग देखने के बाद अफ़रीदी

अफ़रीदी एक लफ्ज़ होता है ज़लालत. अपनी टीम की बल्लेबाज़ी देख कर हर बार महसूस होती है

सामी कसम से. जब 15 साल पहले खेलता था, तब भी साले बल्लेबाज़ निकम्मे थे, अब भी निकम्मे हैं. कभी कभी मन करता है अदनान भाई की तरह मैं भी हिन्दुस्तान चला जाऊं. बल्लेबाज़ कुछ स्कोर तो कर के देंगे

वहाब सही बात, 84 स्कोर, बोलर भला क्या कर लें

अफ़रीदीभाई तू मत बोल. तीन ओवर मे तीस रन खाने वाले, तेरे लिए तो 184 भी कम ही रहते.

हफ़ीज़ इससे अच्छा मुझे बोलिंग देते.

अफ़रीदी प्रोफेसर साब आप बल्लेबाज़ी पे ध्यान दो, कप्तानी मत सिख़ाओ. पहले ओवर मे वापिस आ गए. ड्रेसिंग रूम मे आपके चचा जान इंतज़ार कर रहे थे

मलिक लडो मत यार, लड़कों से ग़लतियाँ हो जाती हैं. पहला मैच था, आगे देख लेंगे

अफ़रीदी: लड़कों से ग़लतियाँ? मलिक भाई हिन्दुस्तानी नेताओं वाले डायलॉग मार रहे हो. शादी वहाँ क्या हुई, तुम तो पूरे ही हिन्दुस्तानी बन रहे हो

खुर्रम मंज़ूरऔर कैसे ना लड़ें मलिक साब. मुझे पिच के बीच बुला कर कहते हो नहीं भाई रन नहीं लेना. आपने रन नहीं लिया और मेरे पीछे विकेट दे दिया

मलिक तू वहाँ खड़ा कर भी क्या रहा था. टुक टुक लगाई हुई थी. टुक टुक करवानी होती तो मिसबाह को ही ना ले आते

अफ़रीदी- इसका पता तो चला कि टुक टुक कर रहा था, उमर भाई का तो पता भी नहीं चला कैसे गोबर कर के आए वहाँ. उनके कोहली को देखो जो आमिर को चौके मार रहा था, अपने अकमल को देखो जो युवराज पे ही आउट हो गया

उमर- कोहली की नकल करवानी थी तो शहज़ाद को लाना था, मेरे अंदर खुद का बहुत टैलेंट है

मलिक- ओ तेरा टैलेंट अंदर पड़ा पड़ा सड़ जाएगा, कभी तो उसे बाहर निकाल.

अफ़रीदी- मलिक तू बहुत बोल रहा है सबके बारे में, तूने क्या किया. चार रन बनाए दर्जन गेंद में, मंज़ूर रन आउट करवाया वो अलग. मसला क्या है तेरे साथ

मलिक- भाई हमें घर जा कर रोटी भी खानी होती है, समझो करो ससुराल है

उमर- अरे आपकी ससुराल से याद आया, सानिया जी कैसी हैं आज कल

(और फिर सभी खिलाड़ी मैच का दुख भूल शोऐब मलिक की घरेलू ज़िंदगी की चर्चा मे लग जाते हैं)