Monday, 16th July, 2018

प्रिया प्रकाश बनी 'विश्व चक्षुबाण अभियान ' की ब्रांड अम्बेस्डर 

17, Feb 2018 By shaukin lekhak

कामयाबी का सेहरा कब किसके सर बांध जाय ये कह पाना बेहद मुश्किल है. कल तक स्टूडियो-स्टूडियो काम ढूंढने वाली मलयाली एक्ट्रेस प्रिया प्रकाश के सितारे एक ही दिन में बुलंदी छूने लगे है। प्रेमी जोड़ो के लिए अरेंजमेंट का काम करने वाली विश्व विख्यात संस्था ‘चक्षुबाण’ ने हाल ही में वायरल हुए प्रिया के आँख मारने वाले दृश्य को देख कर प्रिया को ब्रांड अम्बेसडर बनाने का फैसला किया है. जब से प्रिया ने यह ऑफर सुनी है तब से उन्होंने अपनी एक आँख नहीं खोली है और करार स्वीकार कर लिया है.

संस्था  के सूत्रों की माने तो संस्था पहले सनी लियॉन और अन्य विश्वविख्यात सुंदरियों से इस बाबत बात चीत कर रही थी की संस्था के ही एक महा छिछोरे, सोशल मीडिया के कर्मचारी की नजर इस विडिओ पर पड़ी और  उसने इस विडिओ को अपने उच्च अधिकारीयों को दिखाया। आँख मारने का दृश्य इतना प्रभावशाली था की संस्था के एक अधिकारी को बेहोशी आ गयी, तभी बोर्ड की मीटिंग में फैसला लिया गया की प्रिया को ही अपनी नए कैंपेन के लिए ब्रांड अम्बेस्डर बनाया जायेगा.

संस्था इस वर्ष से अपने नए कैंपेन चक्षुबाण अर्थात नैनों  के तीर लेकर आ रहा  है। संस्था का मानना है की आँख मारना, नैनो से तीर चलना  या चक्षुबाण चलाना एक ऐसी बेहतरीन विद्या है जिसका प्रहार सीधे प्रेमी या आशिक़  प्रेयसी के दिल पर होता है. लेकिन भाग दौड़ की जिंदगी और नयी तकनीकों (व्हाट्सप्प, चैटिंग, ईमेल,) के बढ़ते चलन के कारन युवा इस  विद्या को भूलते जा रहे है. आज कल बहुत कम युवक युवतिया आँख मारा-मारी खेलते है। उन्हें पता ही नहीं है की किस तरह से मारक आँख मारी  जाती है. हाल ही में  कराये गए सर्वे मे एक तथ्य  सामने  आया की प्रेमी जोड़े आँख मारना भूल गए, है और जो  बचे खुचे  जानते भी हैं  वो इसे प्रागैतिहासिक काल की तकनीक मानते हैं. जबकि यह ऐसा बाण है जिससे की प्रेमी या प्रेयसी जल बिन मछली की तरह तड़पने लगे, या यु कहे की सांप भी मर  जाए और लाठी भी न टूटे, संस्था के एक अधिकारी का कहना है ही या ऐसी दिव्य कला है जो राह चलते को राह भुला दे, पल भर में युवक या युवती के मन में अपार सम्भावनाये भर दे। जिससे उनके व्यक्तित्व में असाधारण विकास होता है. उसका  उदास मन तरंगो से भर उठता है, उसका मन प्रफुल्लित हो उठता है।

इसलिए इसका प्रसार बहुत जरूरी है, इसी कारन हम ये कैंपेन शुरू कर  रहे है जिससे आने वाली पीढ़ी इस विद्या को जानकर भरपूर उपयोग कर सके। चक्षुबाण अभियान के संयोजक प्रेम जन्मांध ने प्रिया प्रकाश के करार के बारे में बात करते हुए बताया की प्रिया ने जिस प्रकार से  भौंहे मटका कर  आँख मारी है उस प्रकार से कोई पारंगत आँख मारु ही कर सक्ता है, उन्हें अपने अभियान के लिए चुन कर के बड़ी ख़ुशी हो रही है, अभियान के शुरुआत में प्रिया  सबसे  पहले संस्था के कुंवारे छिछोरों को आँख मारना सिखाएंगी फिर संस्था शहर दर शहर शिविर लगा कर चक्षु बाण अभियान का प्रचार -प्रसार करेगी. एक महीने मे करीब एक करोड़ युवक युवतियों को आँख मारने की कला में पारंगत करने का लक्ष्य है, इस लक्ष्य  के बारेमे सुन कर प्रिया खुसी से उछाल पड़ी और तुरंत करार के लिए हामी भर दी।

प्रिया प्रकाश के करार  को लेकर संस्था ठीक ऐसे ही उत्साहित है जैसे की आंगन में बंधी भैंस हरे चारे और भूसे को देख कर होती  है। उम्मीद है की चक्षु बाण अभियान अपने  लक्ष्य को उम्मीद से पहले ही प्राप्त कर लेगा. ऐसा खुद  प्रिया और चाक्षुबान अभियान से जुड़े लोगो  का कहना है।