Sunday, 23rd September, 2018

संसद में पास हुआ GDT बिल: दहेज पर लगेगा टैक्स, Uber के surge की तरह बढ़ेंगे दाम

11, Apr 2018 By aashcharya janak

नई दिल्ली. GST की विस्फ़ोटक सफलता के बाद सरकार का अगला मास्टरस्ट्रोक, GDT बिल, आज संसद में पास हो गया।

General Dowry Tariff यानी की GDT दहेज के दामों को नियंत्रित करता है। सरकार का कहना है “देखिये, दहेज की प्रक्रिया को हम समाप्त नहीं कर पाए। हमने सोचा कम से कम इसको एक ‘fair process’ एवं ‘revenue model’ में बदल दिया जाए।” प्रधान मंत्री जी ने आज संसद में अपने भाषण के दौरान घोषणा की “देश की बेटियों के सशक्तिकरण में ये हमारा अगला कदम है। अरेंज मैरिज को बढ़ावा देने, लड़की वालों को धोखा-धड़ी से बचाने, और जवान युवाओं को पढ़ने लिखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए हमने इस बिल का गठन किया है। दहेज से सरकार को मिले टैक्स का इस्तेमाल लड़कियो की पढ़ाई और सरकारी यात्रा में होगा।”dowry

आपको बता दें की इस रेग्युलेशन में प्वॉइंट बेस्ड सिस्टम का इस्तेमाल होगा। उम्र, एजुकेशन लेवल, सरकारी नौकरी, स्थानीय मुद्रा में कमाई, हास्यवृत्ति, मांगलिकता जैसे पैमानों पर कुंवारे लड़कों को अंक मिलेंगे। समाज में परिवार की इज़्ज़त और बच्चे सँभालने के पूर्व अनुभव को भी ख़ास स्थान दिया गया है। ख़राब आदतें, पूर्व प्रेम प्रसंग,आपराधिक रिकार्ड्स, या कभी नौकरी से निकाले जाने के केस में अंक कटेंगे। निगेटिव अंक होने पर दूल्हे को अपनी जेब से दहेज देकर शादी करनी होगी।

“हमारे सर्वे से पता चला की इस देश में आधार कार्ड धारकों से ज़्यादा इंजीनियर हैं। ऐसे में हमने न्यूनतम दहेज Rs 10,000 सेट किया है जो की नौकरीपेशा इंजीनियर होने पर आपको मिलेगा।”

देश की प्रतिक्रियाओं की बात करें तो शादी लायक बेटियों ने इस बिल का स्वागत किया है। बिहार में रहने वाली सुनीता कुमारी का कहना है “इससे हमें लड़के की असली हैसियत का पता चलेगा। ससुराल वालों की बेबुनियाद माँगों पर अंकुश लगेगा। लोग बेटी पैदा होने पर कम चिंतित होंगे।”

डिमांड – सप्लाई में बैलेंस रखने और क्वालिफाइड बैचलर्स के हित की रक्षा के लिए, uber की तर्ज पर इस सिस्टम में भी dynamic surge pricing का पालन होगा। संबित पात्रा ने बताया “योग्य वरों की संख्या कम होने से उनके रेट बढ़ने लगेंगे। ज़्यादा दहेज मतलब ज़्यादा टैक्स। यह ख़ासकर शादी के सीज़न (अर्थात peak time) में लागू होगा जब एक के बाद एक दूल्हे निकलने लगते हैं।”

सरकार इसके साथ एक मोबाइल ऐप भी ला रही है जिसमें आप लड़के की प्रोफाइल फ़ोटो के साथ-साथ dowry points और applicable dowry भी देख पाएंगे। उसके बाद ही बात आगे बढ़ेगी। पात्रा का कहना है की इससे लड़की वालों के चाय-समोसों पर बर्बाद होने वाले पैसे बचेंगे।

अमेरिका में रह रहे शादी को तैयार युवाओं ने GDT पर विरोध जताते हुए कहा की इस बिल में संशोधन की आवश्यकता है। हम चाहे USA में रहे चाहे नेपाल में, विदेश में रहने वाले सारे लड़को पर एक सा रेट लगेगा। यह ग़लत है।

नॉएडा स्तिथ IT कर्मचारी धीरज ने इसके विरोध में कहा “यह बिल एक नए तरह के जातिवाद को जन्म दे रहा है। अब आप ही बताइये, जब शर्मा अंकल का बेटा करोड़ों में दहेज लेगा और मैं बस लाखों में, तो मैं अपने माँ-बाप और समाज की नज़रों में लूज़र हुआ ना?”

विपक्ष ने इस बिल के पास होने पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा “जो खुद सिंगल हैं, वो क्या कराएँगे दूसरों की शादी?” विपक्ष के अंग्रेज़ी प्रवक्ता का कहना है “The GDT norms have been deliberatly designed to showcase our party president in bad light!” इस पर सरकार का जवाब आना अभी बाकी है।