Wednesday, 19th December, 2018

स्क्रिप्ट की बजाय धर्म प्रमाणपत्र वाले निर्देशकों को ही घर में घुसने दे रहे सलमान

30, Jun 2018 By Ankur Indori

2019 आम चुनाव करीब आने पर ही मोदी जी ने अल्पसंख्यकों की सुध ली पर इसके विपरीत जन-नायक सलमान ने पिछले 4-5 सालों से अल्पसंख्यकों के उत्थान का बीड़ा उठा रखा है। वैसे तो ‘ऑस्कर डीसर्विंग एक्टर’ सलमान खान हमारे प्रधान सेवक मोदी जी के नजदीकी माने जाते है पर एक चीज़ है जिस में  खान साब, मोदी जी से अलग सोच रखते हैं और वो है – अल्पसंख्यकों का उद्धार।।

उनकी विगत 6-7 फिल्मों के निर्देशकों पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि ये सभी अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। मसलन कबीर खान, अली अब्बास जफर, सोहैल खान, अरबाज खान, साजिद नाडियाडवाला (इस्लाम), सूरज बड़जात्या (जैन) और रेमो डिसूजा (ईसाई)।

चर्चा है कि बॉडीगार्ड शेरा को सलमान का सख्त आदेश है की घर आने वाले निर्देशक को स्क्रिप्ट के बजाय धर्म प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी दिखाने पर ही अंदर आने दिया जाए।

Salman expressing his gratitude

इस खबर की पुष्टि होते ही इंदौर के पारसी समुदाय के हिरन जोधपुरवाला, जिन्हें दशहरा मैदान में राम-लीला के सफल आयोजन का 4 साल का अनुभव है; अवन्तिका एक्सप्रेस का तत्काल टिकट बुक करने में जुट गए।

हिरन ने दांत में फंसी होटल की मुट्ठी भर सौंफ को टूथपिक से निकालते हुए हमें बताया- देखो भिया, जो 80-85% हैं, मोदीजी उनके लिए राममंदिर नहीं बनवा पा रहे तो हम चुटकी भर माइनॉरिटी के लिए क्या कर लेंगे । पर इसके उलट सलमान भाई इतने महान हैं कि कर्म करने के बाद क्रेडिट भी दूसरों को दे देते हैं, जैसा उन्होंने हिट-एंड-रन केस में किया । और मैं कौन सा कोई स्क्रिप्ट लेकर जा रहा हूँ, जो भाईजान मुझे भगा देंगे। देखना !!! मुझे गेट तक खुद लेने आएंगे और लूलिया भाभी के हाथों से बनी चाय पिलायेंगे ।

“मम्मी,,,, टिफिन में आलू की सब्जी-पूड़ी के साथ दही मत रखना, मुझे ट्रैन में बहुत गैस बनती है” – इतना कह कर हिरन अपने डाइरेक्टोरियल डेब्यू की तैयारी में लग गए।