Wednesday, 19th December, 2018

त्योहारों के सीजन में अपराधों में भारी गिरावट: मोहल्ले के सारे गुंडे धार्मिक कार्यों में हुए व्यस्त

14, Sep 2018 By Fake Bank Officer

वाराणसी. क्राइम ब्यूरो के आंकड़े बता रहे हैं कि त्योहारों का मौसम आते ही शहर में अपराधों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आये दिन मोहल्ले में होने वाली कंबल कुटाई और छेड़छाड़ की घटनाओं में भी कमी आयी है। विशेषञो के अनुसार इसके पीछे की वजह त्योहारों का सीजन है जिसने सारे छुटभैये अपराधियो को धार्मिक कार्यो में व्यस्त कर दिया है।

शहर के एक ऐसे ही मोहल्ले में रहने वाले बेनीप्रसाद जी ने फ़ेकिंग न्यूश को बताया कि “वैसे साल भर यहां किसी न किसी तरह का तनाव का माहौल रहता है। कभी चौराहे पर मार कुटाई हो जाती है तो कभी राह चलते आदमी को गोलियों से भून देते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से यहां शांति है। पहले जन्माष्टमी और अब गणेश चतुर्थी में सारे असामाजिक तत्व व्यस्त है। बेरोजगारों को भी कुछ काम मिला है।” उन्होंने  ऐसे ही एक गुंडे गजोधर का उदाहरण दिया जिसका त्योहारों के  सीजन में हृदय परिवर्तन हो जाता था और आजकल वो अपनी दादागिरी का इस्तेमाल गणपति का चंदा वसूलने में कर रहा था।sanjay dutt

चंदा वसूली के लिए जा रहे गजोधर को हमारे संवाददाता ने रोकते  हुए पूछा-“सर आप थोड़ा समय दें तो हम आपका इंटरव्यू लेना चाहते हैं।”

गजोधर उर्फ गज्जू दादा ने उसको गुस्से में घूरते हुए कहा-” इंटरव्यू तो दे देंगे पर तुम गणपति का चंदा दिए कि नही?”

“पर हम तो इस मोहल्ले के ही नही।”

“उससे कुछ नही होता। भगवान किसी मोहल्ले के नही होते।” बोलते हुए गज्जू ने अपने छर्रे को इशारा किया और उसने तुरंत हमारे रिपोर्टर का बटुआ छीन लिया।

उसके बाद गज्जू दादा ने इत्मीनान से बताया कि कैसे वो और उसके बेरोजगार साथी साल भर आवारागर्दी करते है और इस सीजन में धार्मिक कार्य कर पूण्य काम लेते हैं। “इसी बहाने हमारे दोस्त कुछ दिन अंग्रजी दारू पी लेते हैं, डीजे पर नाच गा लेते हैं। उसके बाद कुछ पैसा बच जाता है तो झांकी भी लगा देते हैं। भगवान के काम मे बेईमानी नही।”

अब देखो, ऐसे हम घर घर जाकर बोलेंगे कि हमको थोड़े दिन दारू पार्टी करनी है, चंदा चाहिए तो लोग एक पैसा ना दें। ये तो गणेश भगवान की लीला है जो लोग खुशी खुशो पैसा दे देते हैं। और जो नही देते उनको कभी भगवान का तो कभी अपना दर दिखाना पड़ता है। इतना बोलकर गज्जू दादा अपने गैंग के साथ हफ्ता (चंदा) वसूली के लिए निकल पड़े।