Thursday, 13th December, 2018

​UP पुलिस ने गाड़ी चेकिंग करवाने को दिया 'साहसिक खेल' का दर्जा: कहा जान के असली खतरे से मिलेगा जनता को असली रोमांच

09, Oct 2018 By gotiya

लखनऊ. विवेक तिवारी हत्याकांड के बाद UP पुलिस पर लगे गुंडागर्दी और झूठ के आरोपों को पुलिस विभाग ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्यवाही की है. पुलिस वालों की गोली दागने की प्रबल इच्छा और जनता के खेलों के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए पुलिस ने समस्या का अनूठा समाधान निकालते हुए नाके पर गाड़ी चेकिंग को ‘साहसिक खेल’ का दर्जा दे दिया है. इससे जनता और पुलिसकर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

ख़तरों ने खिलाड़ी
ख़तरों ने खिलाड़ी

पुलिस कमीशनर ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया “हम एकतरफा निर्णय नहीं लेना चाहते थे जिससे जनता या पुलिसकर्मियों में से कोई एक नाराज हो जाए. साथ ही आप दूसरे साहसिक खेलों को देखें तो उनमें असल में सुरक्षा के बहुत इंतजाम होते हैं और लगभग सभी सैलानी सुरक्षित वापस आ जाते है. विवेक तिवारी कांड के बाद जनता को समझ नें आएगा कि गाड़ी चेकिंग करते वक्त उनकी जान को वास्तव में खतरा है जिससे उन्हें वास्तविक रोमांच प्राप्त होगा. यही ‘साहसिक खेल’ की असली परिभाषा है. साथ ही इससे हमारे पुलिसकर्मी भी खुश रहेंगे. इससे व्यवस्था में पारदर्शिता भी आएगी और किसी को भी तथ्य छुपाने या बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सबकुछ खुल्लम-खुल्ला होगा.”

आम नागरिकों ने भी इस निर्णय का समर्थन जताया है और कहा है कि अब काम से मेहनत करके लौटते वक्त बोरिंग सफर में भी थ्रिल पैदा होगा. UP सरकार ने इस अनूठे समाधान की प्रशंसा करते हुए कहा “इससे साबित होता है कि सरकारी विभाग भी रचनात्मकता को बढ़ावा दे रहे हैं और ‘आउट ऑफ द बॉक्स थिंकिंग’ कर रहे हैं. कैबिनेट विचार कर रहा है कि फ्लाईओवर के नीचे से ड्राइविंग करने और सरकारी अस्पतालों में बच्चे पैदा करने को भी साहसिक खेलों की सूची में जोड़ दिया जाए.”