Tuesday, 22nd May, 2018

वैलेंटाइन दिवस के बाद मनेगा लत्तम-जुत्तम दिवस; छुट्टी मिलने की संभावना

17, Feb 2018 By khakshar

वाराणसी: लोगों ने 15 फेब्रुअरी को छुट्टी घोषित करने के लिए रैली निकाली हैं। विशाल रैली में सभी वर्ग के लोग शामिल हुए। इनकी एकमात्र मॉंग थी। माँग ये कि सरकार  वैलेंटाइन दिवस के अगले दिन “लत्तम -जुत्तम दिवस” मनाने  के लिए अवकाश घोषित करें। आश्चर्य की बात ये थी कि वैलेंटाइन डे के बदले “मातृ -पितृ दिवस” के कुछ प्रचारक भी इस रैली में शामिल थे। वैलेंटाइन डे के बाद लत्तम -जुत्तम की प्रथा पुरानी हैं। इसका प्रकोप कई शादी -शुदा पहले से झेल रहे थे। अब इसके खतरनाक चपेटे में कुँवारे युवक -युवतियाँ भी आ गए हैं।

लत्तम-जुत्तम दिवस मनाते हुए
लत्तम-जुत्तम दिवस मनाते हुए

रैली में शामिल एक युवक ने इस संघर्ष के बारे में खुलासा किया। “एक तो रोजगार हैं नहीं। ऊपर से परिवार के लोगों को  ताने देने लिए मोदी जी ने  पकौड़े का नया अस्त्र दे दिया हैं। फेसबुक  के रास्ते सात-आठ वैलेंटाइन ही अपना सहारा हैं। गुलाब, चॉकलेट और टेडी खरीदने में पैसे लगते हैं। अब बोल के तो मिलेंगे नहीं। एक सप्ताह से रात में बापू की जेब हल्का कर रह हुँ। आज -कल में उन्हें पता चलेगा, तब जो लाल होगी हमारी, हमहीं जानते हैं। सेंकने-मरहम लगाने के लिए एक दिन तो बनता हैं।” एक दुसरे युवक ने  बताया “बिजली काट दी हैं, विभाग वालों ने। हर महीने ऑनलाइन बिल के रिबेट चाप देता हुँ। इस बार वालेनटाइनी के चक्कर में बिजली बिल समय से जमा नहीं हो पाया। अम्मा के मोबाइल चार्ज  के पैसे अलग़।”

अधेड़ प्रोफेसर बटुक लाल शुक्ल ने बताया। “बहुत सारी बालाएं हमारे नीचे रिसर्च कर रही हैं। अब बताओ भला, एक दो को कुछ उपहार दे दिया तो क्या गलत किया। अब जिस बाला को गिफ़्ट नहीं दिया, उसने शुक्लाइन को नमक मिर्च लगा कर पूरी कथा सुना डाली हैं। अंग्रेजी के शब्दो का हिंदी में रस घोल-घोल के अनुवाद भी कर डाला हैं।”

रैली में युवतियों की काफी संख्या दिखी। पूछने पर एक ने बताया “हमें न मालुम की क्या होता हैं ये वैलेंटाइन सप्ताह। पड़ोस में हमारी ममेरी बहन रहती हैं। उसे कुछ दिनों से बहुत गिफ़्ट दे रहा था बगल के मौहल्ले के गुप्ता जी का लौंडा। हमने आज उससे अपने लिए भी चॉकलेट माँग लिया। आज ममेरी बहन ने चप्पल चला के मारा हैं। क्या पता कल अपनी बहन सैंडल चला दे।”