Wednesday, 26th June, 2019

व्हाटसऐप ग्रुप बनाना बॉस को पड़ा महंगा

01, Apr 2019 By MASROOR NISHAT

मुंबई। विशेष संवाददाता: इम्प्लाई से बिना पूछे व्हाटसऐप ग्रुप बनाना बॉस को मंहगा पड़ गया। इम्प्लाई ने बॉस पर हर्रेसमेंट का केस कर दिया। और बॉस को जाना पड़ा जेल।

Boss with no WhatsApp in jail
Boss with no WhatsApp in jail

मामला एक एमएनसी का बताया जा रहा है। कंपनी के एक अन्य स्टाफ ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया के कुछ दिन पहले ही सिस्टम में नए बॉस आये थे। आते ही उन्होंने 2 नए व्हाट्सप्प ग्रुप बना दिया जिसमें शिकायत करता, महेश, को भी जोड़ दिया गया था। एक ग्रुप में बॉस और उनके अधीन काम करने वाले सारे लोग थे जब के दूसरे ग्रुप में बॉस भी के बॉस थे और पहले ग्रुप के बाकी सारे लोग भी। इसी बात से खफा होकर महेश ने पुलिस में शिकायत कर दी।

महेश ने बताया के इससे पहले भी इसी तरह के 3 ग्रुप पहले से ही थे। और अब ये 2 और ग्रुप। एक ही तरह के मेसेज सारे ग्रुप में डेल जाते थे। DSR-DRR से लेकर तमाम तरह की बकवास हर ग्रुप में डालनी होती थी। गूगल से सर्च किया हुआ मोटिवेशनल मेसेज भेजा जाता था। सब अपना ज्ञान ग्रुप में ही झोंके पड़े थे। ऑफिस के 5-5 ग्रुप होने की वजह से कई बार प्राइवेट मेसेज भी इसी ग्रुप में चले जाते थे। इस घटना के बाद कंपनी ने भी एक लेटर जारी कर के सरे ऑफिसेस को ये निर्देश जारी किया है के एक निर्देश दिया है के अब किसी भी व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने से पहले ईमेल पर सम्बंधित स्टाफ को सुचना भेज दें। जिसकी एक प्रति कंपनी के मानव संसाधन विभाग को भी भेज दें। वहीं थाने के एक हवलदार ने बताया के इस नए प्रकार के केस के आने के बाद यहाँ के थानेदार साहब भी जो ग्रुप बनाया था उसे डिलीट कर दिया है।